Wednesday, June 18, 2008

अंगुलियों का गणित



अंगुलियां-
सारा हिसाब जानती हैं।
गिनती हैं दिन,
बुनती हैं संख्याएं,
अंदाज तोलती हैं,
जोड़ती हैं मुट्ठियां,
सारे भेद घटाकर,
और दुगुनी कर देती है,
हिम्मत हमारी।
अंगुलियां-
सारा हिसाब जानती हैं।
खींचती हैं रेखाएं,
आढ़ी टेढ़ी मुसीबतों की तरह,
तो कहीं परेशानी के वृत्त,
और गम लेकर कैद करती है,
आयतों में।
कभी कभी किसी चौखाने वर्ग में,
खड़ा कर लेती है खुद को।
शायद ये अंगुलियों का गणित है,
जिंदगी के साये में।
जटिल लेकिन सरल सा...
अंगुलियों का गणित।

6 comments:

DR.ANURAG said...

अंगुलिया टटोलती है एक ख्वाब
अंगुलिया कभी कभी उम्मीद करती है
एक स्पर्श की...
अंगुलिया कितनी जिद्दी है ना ?

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

ये गणित तो बहुत बढ़िया है..

हर्षवर्धन said...

कमाल की हैं ये अंगुलियां

Udan Tashtari said...

वाह!! बहुत बढ़िया.

ajay kumar jha said...

chaliye aaj ungliyon ka naya ganit bhee pata chal gaya, waise ganit ke naam se hee mujhe bukhaar chadh jaataa hai. khair, aapse kuchh aur bhee kehnaa hai, aapkaa blog behad khoobsoorat ban padaa hai, aur aapkee post mein aapke mehnat bhee parilakshit hotee hai, mujhe to aisaa lagtaa hai ki ye anokhee tapti ret hai jo jhulsaane kee bajaay sheetal kar detee hai. likhtee rahein.

महेंद्र मिश्रा said...

बहुत बढ़िया.